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हिम्मत इंशान का आपद कालीन दोस्त है.....

डरकर मुसीबतों से भाग जानेसे कभी मुसीबत का अन्त नहीं होता दोस्तों। कहिंपे नहीं है ऐसा कोई उदाहरण। मिसित से बंचनेका सबसे उपयुक्त और सरल माध्यम मुसीबत के साथ डटकर लड़ना मगर हममें से अनेक ये कर नहीं पाते कारण हमारे पास इसे सामना करनेके लिए हिम्मत नहीं होता। एक हिम्मत ही आपद कालीन परिस्तिति में इंशान का सबसे बड़ा दोस्त हिता। आपद कालीन स्थिति में हिम्मद ही ब्यक्ति को मुसीबत से निकाल सक्ता। कोई भी मुसीबत की घड़ी में महौसधी जैसे काम में आता। आपद कालीन परिस्तिति में।

आज इस प्रसंग पे आपके सामने एक कहानी। कैसे आपद काल में इंशान को मुसिबत से निकालने में ब्यक्ति की हिम्मत समर्थ होता है:

थोड़ीसी पुराकाल की बात। एकदा अबन्ति नगरी में तीन चोर मिलके एक सेठ के घरसे चोरी करतेवक्त प्रहरियों के द्वारा पकड़ेजाते। उन तीनों को राज दरबार लायागेया। राजा बीर बाहु अपना बिचार सुनाते हुए तीनों को फांसिपे लटकाने को आदेश देदिये। एक दिन निर्धारित होता फांसी देनेके लिए। उसदिन निर्धारित समय पे व तीन चोरों को फांसी में चढ़ाया जारहाथा। एक के बात एक। तीन में से दो को फांसी में चढ़ाया जाचुका था। अब बारी था तिसिरा और अंतिम चोर का। उसी वक्त व चोर घातक गणों को एक बात बताता की उनकी पास एक असाधारण बिद्या है। जिसे धरती में और किसीको है नहीं पता। उसको मार देनेसे व बिद्या सदा के लिए धरती से विलुप्त हो जाएगी। इसी -लिए ये बात को तुरंत ही राजा को अबगत कियाजाए ताकि बार्ता बहन कारी चार को राजा से इनाम मिलेगा अन्यथा जब ये बात राजा बाद में जान पाएंगे तो राजकाज अबहेला दोष में सभीको दण्ड अबश्य मिलेगा।

चोरकी बात सुनके सारे हंसने लगे मगर राजकाज अबहेला नहो इसिलए राजा को अबगत कराए। राजा सुनते और आदेश करते कि उस चोर को तुरन्त सामने लायाजाए। वेसा ही होता। जब चोरको राजाके सामने लाया गया,राजा उसे पूछते कौन सा बिद्या उसकी पास है? चोर कहता सोना उगानेका बिद्या। राजा बिस्वास करनहीं पारहेथे मगर चोर एहेशास दिलाते हुए राजाको कहा आप मुझे एक मौका दीजिए में ये साबित करके दिखाऊंगा। नहीं तो आप मुझे फिर से फांसी में लटका सकते हैं। राजा एक मौका देते हैं चोर को सोना उगाने के लिए।

चोर एक जमीन और एक सहायक ब्यक्ति तथा सरसों जैसे कुछ सोनेकी बीज देनेको गुहार करता। राजा मेहल में ही एक जमीन में सोना उगानेको कहते,साथ ही एक आदमी को सहायता के लिए नियुक्त किया जाता।सुनार को बुलाके सरसों जैसे बिज भी तैयार किया जाता। चोर भी अपनी काम मे कोई अबहेला नहीं करता। जमीन तैयार करलेता और सहायक ब्यक्ति को सोनेका बीज बपन करने को कहता मगर एक शर्त के साथ व है," जिबिन में कभी भी कोई चोरी नहीं कि है तो सोने की पौधा उगेगी नहीं तो नहीं।" व ब्यक्ति माना करदिया बोला में तो कईबार चोरी करचुका हैं। मुझसे ये नहीं होगा।

तब बात आती राजा तक । राजा सेनापति,राज पंडित,मंत्री गण, बिचारपति तथा खुद राजा नकारने लगे सोने की बीज बपन करनेको कारण सभीने याद कर रहेथे बचपनसे लेके अभीतक अपने से किगये चोरी के बारे में। उन में से एक भी उपयुक्त नहीं निकले। तब चोर कहता जब आप सब चोर तो मेरे लिए ही ऐसे एक कड़ी सजा कियूं? सारे लोक हँसनेलगे। तारीफ करनेलगे चोर की बुद्धि को। सरहनाने लगे उसकी हिम्मत को। चोरकी बुद्धि तथा हास्यप्रद कार्य में प्रीत होकर राजा उसे दण्ड से मुक्त करदिये और अपना सलाहकार बनाडाले।
हिम्मत इंशान का आपद कालीन दोस्त है.....
इन्हां से ये सिख मिलती है कि हिम्मद आपद काल में इंशान का सबसे बड़ा दोस्त होता है। हिम्मद के साथ आगे बढ़ने से समस्याका निराकरण अबश्य होता है।
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